ज्ञानवर्धक रहा दिल्ली ब्लॉगकैंप
दिल्ली में ब्लॉगकैंप की घोषणा जब अमित ने की तो उसी समय मन बना लिया था कि इस ब्लॉगकैंप में जरूर जाऊंगा।
मगर शनिवार सुबह एक जरूरी मीटिंग निकल आयी। मीटिंग लम्बी हो रही थी और मेरा मन नैहरू प्लेस में माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस में चल रही ब्लॉगकैंप पर ही अटका था। किसी तरह मीटिंग समाप्त कर निकला तो ट्विटर पर अमित का संदेश था कि Blogging beyond English पर अपनी प्रस्तुति वे समाप्त कर चुके हैं। जल्दी में जब ब्लॉगकैंप में पंहुचे तो अभिषेक कोर्पोरेट ब्लॉगिंग पर अपनी प्रेजेंटेशन दे रहे थे। ![]()
ब्रेक हुआ तो जाना कि हिंदी ब्लॉगिंग से स्वंय अमित के अलावा केवल मसिजीवी ही उपस्थित थे। थोड़ी देर के लिये हिंदी युग्म के शैलेश भारतवासी भी आये।
मोहित महेश्वरी की ब्लॉग्स से कमाई पर प्रस्तुति How to monetize a blog effectively? How to enhance earnings from a Blog? से भारतीय संदर्भों में ब्लॉग्स से कमाई पर कुछ जानने की उम्मीद
थी। मोहित ने आंकड़ों के साथ बताया की जिस गति से ऑनलाईन विज्ञापनों के लिये विज्ञापन दाता अपना बजट बढ़ा रहे हैं उस गति से इंटरनेट पर कांटेंट नहीं बढ़ रहा है। इसका अधिक से अधिक फायदा ब्लॉगर्स को मिलेगा।
इस प्रस्तुति के दौरान ही ट्विटर पर अमित अग्रवाल ने संदेश भेज अपनी प्रतिक्रिया भी दी।
ट्विटर पर मैं भी अभी हाल ही में सक्रिय हुआ हूं। अभी इसे प्रयोग करना सीख रहा हूं। ट्विटर के बारे में जानने के लिये आलोक जी का यह लेख देखिये।
अभिषेक बक्शी ने अगली प्रेजेंटेशन माइक्रोब्लॉगिंग पर दी जो कि मुख्यतः ट्विटर पर ही थी। यह प्रस्तुति बहुत ही ज्ञानवर्धक रही। अभिषेक का अंदाज भी मजेदार था।
अमित की फोटोब्लॉगिंग पर प्रस्तुति भी मजेदार रही। अपनी प्रस्तुति की आखिरी स्लाइड में जब अमित ने हिंदी में भी लिखा “कोई प्रश्न?” तो एक ब्लॉगर ने इसी पर प्रश्न उठा दिया कि आपने हिंदी में कोई प्रश्न क्यों लिखा है। अमित का जवाब था कि मैं हिंदी में पूछे गये प्रश्नों का भी जवाब देना चाहता हूं। ऐसा बोलते हुए एक गर्व का भाव अमित के चहरे पर साफ नजर आ रहा था।
ब्लॉगकैंप समाप्त होने से थोड़ा पहले ही मुझे वहां से जाना पड़ा। कुल मिला कर यह एक मजेदार और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। आखिर में आपको बता दें कि बिल्लू (के ऑफिस) की खिड़कियों से दिल्ली कैसी नजर आती है।
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मैंने मौका खो दिया मगर अगली बार आप मुझे भी वहीं पाएंगे.
अच्छा है।
जगदीश जी, आप अविनाश वाचसपति जी से नहीं मिले? अपनी बिरादरी से सबसे पहले वे ही आए थे सुबह लेकिन किसी का फुनवा आ जाने के कारण उनको मेरे फोटो-ब्लॉगिंग वाले सत्र के बाद जाना पड़ा। बाकी तो इतने समय बाद आप लोगों से मिलना हुआ इसकी भी अपनी अलग प्रसन्नता रही! जल्द ही अपने ब्लॉग पर भी ठेलता हूँ कुछ बातें, नोट्स और विचार।
Ye miss ho gaya.. kya ye presentations mil sakti hain?
आप इन में से कुछ प्रेजेंटेशन यहां देख सकते हैं
http://barcamp.pbwiki.com/BlogCampDelhi
यह पहला नहीं दूसरा था
पहला पहले हुआ था
अमित जी बतला सकते हैं
वे खुद उसमें नहीं आए थे
इसलिए उन्हें अच्छी तरह
याद है, वो दिन.
इसलिए संशोधन कर लें
पहला नहीं दूसरा.
तीसरा जब करें तो
एक बोर्ड हिन्दी ब्लॉगिंग से
भी लगाएं, जिसमें हिन्दी
वाले अपना व अपने ब्लाग
का नाम लिखें जिससे आने
वाले आपस में परिचित
होने से वंचित न रहें.
यह सलाह अमित जी
के लिए.
आने वाले दर्ज करें
यह सब हिन्दी वालों के लिए.
अविनाश जी, वह जनवरी वाला ब्लॉगकैम्प नहीं था वरन् एक ब्लॉग सम्मेलन था जहाँ पहले से निर्धारित प्रस्तुतकर्ताओं ने अपने-२ सत्र प्रस्तुत किए थे। यह ब्लॉगकैम्प दिल्ली का पहला ही था जो कि पूरी तरह से खुला था और कोई भी अपना सत्र प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र था।
सलाह के लिए बहुत-२ धन्यवाद, नोट कर ली गई है।
aha! this is near nehru place i feel
and how m present on ur blogroll? have u been there before
Good
Its good – You people are doing good in indian blogsphere