(यह पोस्ट कल हिंदी टूलबार पिटारा के चिट्ठे पर की गयी थी मगर बार बार के अनुरोध के बाद भी पिटारा का चिट्ठा ब्लॉगवाणी पर नहीं जुड़ा है इस लिये इसे आईना पर दोबारा पोस्ट किया जा रहा है। )

चिट्ठाजगत की नयी सेवा गिरगिट के बारे में तो सभी चिट्ठाकार जान चुके होंगे। यदि नहीं जानते तो अपको बता दें कि यह सेवा आपको किसी भी युनिकोड साइट की लिपि बदल कर पढ़ने की सुविधा देती है।

आप अपने चिट्ठे पर इसके विजेट लगा कर दूसरी लिपियों के पाठकों को अपना चिट्ठा उनकी लिपि में ही पढ़ने की सुविधा दे सकते हैं। इसके बारे में रवि जी ने यहां लिखा है।

अब हमने पिटारा टूलबार में इसके लिंक लगाये हैं। आप किसी भी चिट्ठे या साइट की लिपि बदल कर पढ़ना चाहते हैं तो टूल मिनू में ’लिपि बदल कर पढ़े’ पर जायें और अपनी पसंद की लिपि चुन लें।


3 Responses to “पिटारा हुआ गिरगिटिया- अब गिरगिट के लिंक टूलबार पर”  

  1. 1 राज भाटिया

    आप का बहुत धन्यवाद गिरिगिटि टुल के बारे मे बातने के लिये

  2. 2 Zakir Ali 'Rajneesh'

    इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए साधुवाद। आशा है आगे भी इसी प्रकार हमारी जानकारी में बढोत्तरी करते रहेंगे।

  3. 3 की जानां मैं कौन!

    इस के लिये बहुत, बहुत धन्यवाद! ये सच मैं बहुत बढिया है! पर मेर पन्ना गुर्मुखी में नही आया. अंग्रेज़ी में ही रहा.

    @की जानां मैं कौन!

    असल में यह यूनिकोड की स्क्रिप्ट ही बदलता है।

    आप अपने हिंदी पोस्ट गुरमुखी में पढ़ सकते हैं। यहां देखिये
    http://pa.girgit.chitthajagat.in/ki-jaana-main-kaun.blogspot.com/2007/07/blog-post.html
    जगदीश

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