श्रीमान जी,
एनडीटीवी,
नई दिल्ली.
सबसे पहले तो हमका माफी दई दीजिये कि हम ई खत हिंदी में लिख रहे हैं, पर का करी हमका अंग्रेजी नहीं आती तो थोड़ा कष्ट उठा अपने किसी कर्मचारी से इसे पढ़वा लीजियेगा।

मुद्दे की बात ई है कि आप भी अब अपने चैनलों पर भूत, चुड़ैल और जिन्न के बारे में पिरोग्राम दिखाइबे? जब सारे समाचारों के चैनल हमका भूत, चुड़ैल और जिन्न दिखा दिखा थके रहे तो आपने कभी जिन्न, भूत न दिखाये। मगर अब हम सुनें हैं कि आप नया चैनल ला रहे हैं जिसका तो नामै है ’ई में जिन्न’। आप तो पूरा चैनल ही जिन्नों के समर्पित कर दिये हैं।

अब हम तो ई बात को सच ही माने बईठे थे कि ऊ आईना वाले मेरे मित्र बताये रहे कि ई अंग्रेजी नाम है इमैजिन यानि कल्पना। अब हमका ई बात समझ नहीं आती कि आप अपने हिंदी चैनलों का नाम अंग्रेजी में काहे रखत हैं। औउर ई बात तो इकदमै समझ नहीं आत है कि आप अपने अंग्रेजी चैनल का नाम गणित में काहे रख दिये ’24 गुणा 7’?

हमार मित्र बताये रहे कि अंग्रेजी नामों से ब्रांडिंग औउर मार्किटिंग में आसानी होत है। अब हम ई बात कैसे मान लें कि हिंदी नामों से चैनल बिकत नाहीं? जब चैनल हिंदी बा तो नाम काहे अंग्रेजी?

 रामखिलावन
गंगा किनारे के एक गांव से


6 Responses to “ई है NDTV और आप देख रहे हैं ई में जिन्न”  

  1. 1 सृजन शिल्पी

    रामखिलावन की शिकायत वाजिब है। पर एनडीटीवी इंडिया ही कौन-सा पहले से हिन्दी नाम को लेकर चल रहा था?

    नाम भले अंग्रेजी में रख ले, पर भूत, चुडैल, जिन्न न दिखाये, बस इतना भी एनडीटीवी वाले कर लें तो गनीमत ही है।

  2. 2 Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष

    बहुत अच्छा लिखा है आपने, शैली मन को भा गई । यह शूल तो हमेशा ही ह्र्दय को विदीर्ण करता रहता है कि अंग्रेज़ी मे ही क्यों प्रचार प्रसार किया जाता है यहां । शायद यह आदत बन गई है हमारी, या शायद यही भाषा बन गई है हमारी - हिन्ग्लिश ।

  3. 3 ghughutibasuti

    हमें जिन्नों से परेशानी नहीं हैं । परन्तु कुछ गुणा भाग करने वाले या अंग्रेजी जिन्न भी दिखाए जाने चाहिये ।
    नववर्ष की शुभकामनाएँ ।
    घुघूती बासूती

  4. 4 sanjay bengani

    अच्छा लिखा है. वैसे खुद को ही ज्ञानी समझने वालो से आप क्या और क्यों उम्मीद करते है?

  5. 5 Amit

    लो कल्लो बात, हम तो भौचक्के से ई समझ के आए थे पढ़ने को मिलेगा कि ऊ एनडीटीवी वाला भी भूत-प्रेत जिन्न आदि दिखावे की होड़ में आई गवा पर ईहां तो मामला ही दूसरा है। चलो जी हम तो कौनो और मुद्दा ढूंढ़े जाएं चौपाल मा चर्चा करे के लिए, नहीं तो ऊ ससुर सरपंच का लौंडा आज फिर अपनी समझ और ज्ञान बखारेगा।

  6. 6 Esha

    ha ha!! majaa aa gava hamka bhi ee khat padh ke!

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