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क्या आप गूगल समूह ‘चिट्ठाकार’ के सदस्य हैं?

मेरे बहुत से साथियों को मेरे इस प्रश्न से हैरानी हो सकती है। कौन चिट्ठाकार होगा जो इस समूह का सदस्य नहीं होगा? मगर सच्चाई यही है कि अधिकतर चिट्ठाकार इस समूह के सदस्य नहीं हैं। आज यदि हिंदी चिट्ठों की संख्या 1100  को पार कर रही है तो चिट्ठाकर समूह पर सदस्यों की संख्या आज की तारीख में केवल 384 ही  नजर आ रही है। यानि अधिकतर चिट्ठाकार इस समूह के सदस्य नहीं हैं।

तो जो लोग इस समूह के सदस्य नहीं हैं उन्हें बता दें कि यह समूह है हिंदी चिट्ठाकारों का जहां आप हिंदी चिट्ठाकारी और हिंदी कंप्यूटिंग पर चर्चा कर सकते हैं अथवा कोई भी समस्या या विचार रख सकते हैं। आपको तुरंत किसी न किसी  सदस्य से जवाब मिलेगा और हर संभव सहायता भी की जायेगी। इस समूह पर  हिंदी कंप्यूटिंग से संबंधित नयी नयी सूचनायें भी प्रेषित की जाती हैं।

चिट्ठाकार समूह पर जाने के लिये यहां क्लिक करें।

अब आपको बतायें एक काम की बात। चिट्ठाकार समूह के संदेशों की फीड हिंदी टूलबार पिटारा में उपलब्ध करा दी गयी है। आप चाहे इस समूह के सदस्य हों अथवा नहीं किंतु आप इस समूह पर आने वाले नये संदेश तुरंत इस फीड पर देख पायेंगे। इसकी घोषणा अलग से हिंदी टूलबार के चिट्ठे पर की जायेगी।

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  1. अक्टूबर 22, 2007 को 5:59 अपराह्न पर | #1

    vaah

  2. अक्टूबर 22, 2007 को 8:46 अपराह्न पर | #2

    बहुत सही काम किया जगदीश भाई। आपने सही कहा बहुत से नए सदस्यों को चिट्ठाकार समूह के बारे में पता ही नहीं है।

  3. rachna
    अक्टूबर 22, 2007 को 9:07 अपराह्न पर | #3

    great ingo

  4. अक्टूबर 22, 2007 को 10:11 अपराह्न पर | #4

    मेरे बारे में बतलाइये, क्या मैं समूह का सदस्य हूं। नहीं तो बनने का बेहद सरल तरीका बतलायें। मेरे चिट्ठों का लिंक नीचे दिया गया है

  5. अक्टूबर 23, 2007 को 1:51 अपराह्न पर | #5

    अविनाश जी आपको समूह की साइट पर जा कर औपचारिक सदस्यता लेनी होगी।

  6. hariraam
    अक्टूबर 24, 2007 को 11:49 पूर्वाह्न पर | #6

    कुल हिन्दी चिट्ठे यदि 1100 से अधिक हैं तो कुल चिट्ठाकार तीन-चार सौ ही होंगे, क्योंकि कई चिट्ठाकार एकाधिक चिट्ठे के मालिक हैं।

  7. अक्टूबर 31, 2007 को 3:09 अपराह्न पर | #7

    बहुत अच्छा मैं वह हूँ या नही अभी देखता हूँ

  8. नवम्बर 1, 2007 को 2:11 अपराह्न पर | #8

    बहुत अच्‍छा,
    आपका यह लेख चुराने का मन कर रहा है। :)

  9. मई 8, 2009 को 11:40 पूर्वाह्न पर | #9

    thik kaha sir ji ne

  1. अक्टूबर 26, 2007 को 6:19 अपराह्न पर | #1

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