मेरे बहुत से साथियों को मेरे इस प्रश्न से हैरानी हो सकती है। कौन चिट्ठाकार होगा जो इस समूह का सदस्य नहीं होगा? मगर सच्चाई यही है कि अधिकतर चिट्ठाकार इस समूह के सदस्य नहीं हैं। आज यदि हिंदी चिट्ठों की संख्या 1100 को पार कर रही है तो चिट्ठाकर समूह पर सदस्यों की संख्या आज की तारीख में केवल 384 ही नजर आ रही है। यानि अधिकतर चिट्ठाकार इस समूह के सदस्य नहीं हैं।
तो जो लोग इस समूह के सदस्य नहीं हैं उन्हें बता दें कि यह समूह है हिंदी चिट्ठाकारों का जहां आप हिंदी चिट्ठाकारी और हिंदी कंप्यूटिंग पर चर्चा कर सकते हैं अथवा कोई भी समस्या या विचार रख सकते हैं। आपको तुरंत किसी न किसी सदस्य से जवाब मिलेगा और हर संभव सहायता भी की जायेगी। इस समूह पर हिंदी कंप्यूटिंग से संबंधित नयी नयी सूचनायें भी प्रेषित की जाती हैं।
चिट्ठाकार समूह पर जाने के लिये यहां क्लिक करें।
अब आपको बतायें एक काम की बात। चिट्ठाकार समूह के संदेशों की फीड हिंदी टूलबार पिटारा में उपलब्ध करा दी गयी है। आप चाहे इस समूह के सदस्य हों अथवा नहीं किंतु आप इस समूह पर आने वाले नये संदेश तुरंत इस फीड पर देख पायेंगे। इसकी घोषणा अलग से हिंदी टूलबार के चिट्ठे पर की जायेगी।






vaah
बहुत सही काम किया जगदीश भाई। आपने सही कहा बहुत से नए सदस्यों को चिट्ठाकार समूह के बारे में पता ही नहीं है।
great ingo
मेरे बारे में बतलाइये, क्या मैं समूह का सदस्य हूं। नहीं तो बनने का बेहद सरल तरीका बतलायें। मेरे चिट्ठों का लिंक नीचे दिया गया है
अविनाश जी आपको समूह की साइट पर जा कर औपचारिक सदस्यता लेनी होगी।
कुल हिन्दी चिट्ठे यदि 1100 से अधिक हैं तो कुल चिट्ठाकार तीन-चार सौ ही होंगे, क्योंकि कई चिट्ठाकार एकाधिक चिट्ठे के मालिक हैं।
बहुत अच्छा मैं वह हूँ या नही अभी देखता हूँ
बहुत अच्छा,
आपका यह लेख चुराने का मन कर रहा है।