मैं हमेशा से सोचता था कि काश हिंदी चिट्ठे मोबाइल पर भी पढ़े जा सकते। भोमियो की जब प्रॉक्सी पते पर रोमन में हिंदी पढ़ने की सुविधा मिलने लगी तो मोबाइल पर नारद और हिंदी चिट्ठों को रोमन मॆं पढ़ना आसान हो गया। अब मैं मजे से नारद पर आयी नयी पोस्ट अपने मोबाइल पर रोमन में देख लेता हूं मगर अभी भी एक कसक मन में रहती है देवनागरी में मोबाइल पर पढ़ने की।
आज मेरी खुशी का उस समय ठिकाना न रहा जब मैंने ब्लॉगवाणी पर साइडबार को देवनागरी में अपने मोबाइल पर देखा। मैंने झट से मैथिली जी को फोन मिलाया और उन्हें बताया कि ब्लॉगवाणी की साइडबार को देवनागरी में मोबाइल पर भी पढ़ा जा सकता है। उन्हों ने खुश हो कर कहा कि हम पूरी साइट को ही इसी फॉट में बदल देते हैं। शाम तक पूरी
साइट ही मोबाइल पर पढ़ी जा सकती थी। हमारे देश में जितने इंटेरनेट कनेक्शन हैं उनसे कई गुणा ज्यादा इंटेरनेट एक्सेस कर सकने वाले मोबाइल हैं। फिर क्यों नहीं सारे हिंदी चिट्ठे इसी फॉट से लिखे जाते? क्या मैथिली जी कैफेहिंदी के टाइपिंग टूल में यह सुविधा जुड़वा सकते हैं ?यहां यह बताना जरूरी है कि मेरा मोबाइल है I Mate SP3. OS Windows Mobile 3, Browser Internet Explorer.
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धन्यवाद जगदीश जी; मेरे पास तो एक सस्ता सा रिलायंस का मोबाइल है. आपके इस लेख के कारण शायद मुझे भी आपके जैसा एक मोबाइल मिल जाय.
इसके मोबाइल पर दिख पाने का श्रेय तो आपको, सिर्फ आपही को है.
आप जो भी हमें कहेंगे, हमारी भरसक कोशिश होगी कि हम उसे पूरा कर सकें. कैफेहिन्दी का नया संस्करण भी लाना शेष है ही.
पुन: धन्यवाद
जगदीश जी,
मैं तो यात्राओं के दौरान कई बार कंप्यूटर से दूर होने पर हिन्दी के सारे चिट्ठे और जीमेल पर हिन्दी के मेल आदि अपने मोबाइल पर ही देखता हूँ। हिन्दी उस पर झकास और परफेक्ट दिखती है, इतना ही नहीं यूनिकोडित हिन्दी में मेल करने में भी असुविधा नहीं होती।
अगली बार जब मोबाइल खरीदें तो इस बात का ध्यान रखें कि उसका सॉफ्टवेयर यूनिकोड का समर्थन करता हो। मुझे भी लंबे समय से ऐसी मोबाइल लेने का इंतजार था जो पूरी तरह से हिन्दीमय हो। अमित की सलाह पर और कुछ इंतजार करने के बाद आखिरकार वैसा मोबाइल मुझे मिल गया। मेरा ख्याल है कि अब जो मिडिल रेंज के नए मोबाइल लाउंच हो रहे हैं, उनमें ये फीचर्स उपलब्ध हैं।
बढ़िया जानकारी. हम तो मोबाईल पर सर्फिंग करते ही नहीं.
जरुरी नहीं कि महंगे मोबाइल पर ही हिन्दी सही दिखती हो। मेरे दोस्त के पास मोटोरोला L2 है जो कि लगभग ३००० रुपए के करीब होगा, उसमें हिन्दी झकास दिखती है।
मोबाइल लेते समय ही पक्का कर लेना चाहिए कि वह यूनिकोड हिन्दी का समर्थन करता है या नहीं।
और हाँ सस्ते मोबाइल जिनमें कि सिर्फ WAP ब्राउजर होता है उनमें अगर जावा का समर्थन है (अधिकतर में अब आ रहा है) तो ओपेरा मिनी इंस्टाल करके उसमें ब्लॉग आदि पढे़ जा सकते हैं यद्यपि यह शायद इनबिल्ट xHTML ब्राउजर वाले महंगे फोनों जितना मजेदार अनुभव न हो।
आपके विन्डोज़ मोबाइल वाले फोन में दिख रही होगी ASP.NET वाली साईट हिन्दी में(माइक्रोसॉफ़्ट का बहू-भाषी जुगाड़), अपने सिम्बिअन वाले N70 में तो अभी भी काला अक्षर चौकोर ही है!
सिर्फ़ यूनिकोड नहीं सृजन जी, इससे काम नहीं चलता। यूनिकोड तो मेरा मोबाइल भी सपोर्ट करता है और उसमें डला ऑपरा मिनी भी, लेकिन हिन्दी के अक्षर नहीं सपोर्ट करता। तो महत्वपूर्ण बात है कि हिन्दी का सपोर्ट होना चाहिए क्योंकि मेरे ख्याल से आजकल आने वाले नए फोन सभी यूनिकोड तो सपोर्ट करते ही हैं, बस आपको यह देखना है कि आपकी भाषा करते हैं कि नहीं। अब मेरा मोबाइल अंग्रेज़ी के अतिरिक्त बाहसा(इंडोनेशिया की भाषा), मलय(मलेशिया की भाषा) आदि सपोर्ट करता है तो वे इसमें मस्त दिखेंगी, बाकी नहीं।
वाह यह तो बहुत अच्छी बात है।
अच्छी खबर है।
अच्छी जानकारी है।
अच्छा लेख! सभी हिन्दी सेवी मिलकर मोबाइल पर हिन्दी समर्थन के लिये आवश्यक हार्डवेयर, साफ़्तवेय और अन्य आवश्यकताओं की सूची तैयार करें। इस तरह की सामग्री एक जगह स्पष्ट और संक्षिप्त रूप में कहीं उपलब्ध रहेगी तो बहुत से लोगों को अपना नया मोबाइल चुनने में सुविधा होगी। इसमें भी हिन्दी का बहुत बड़ा हित छिपा हुआ है।
मेरे ख्याल से समस्या यह नहीं है कि किस मोबाइल पर हिंदी दिखती है, समस्या यह है कि कैसे हिंदी लिखें की सभी मोबाइल पर नजर आने लगे।
वह दिन सुहाना होगा जब हम देवनागरी में अपने मोबाईल से ब्लाग लिखेंगे और आपकी टिप्पड़ियों का जवाब देंगे. और यह सब मैथिली जी जैसे किसी सस्ते सेट से भी संभव होगा.
जय हो.
नई पीढ़ी के इन मोबाइलों में हिन्दी में लिखा जा सकता है
नोकिया 6233—रु 9100
627०—रु 13100
628०—रु 13900
सराहनीय प्रयास अच्छा लगा आपको पढना ..काफी अच्छी अच्छी रचनाएं हैं आपकी.जल्दी ही फिर आना होगा
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