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20 Responses to “हमहूं छाप दिये अखबार”  

  1. 1 आशीष

    आईना का ना-रद्द विशेषांक पसंद आया !
    अगले अंक की प्रतिक्षा है :)

  2. 2 विकास

    अइसे लिखियेगा त बैन हो जयियेगा ना जी..? वैसे हमको तो बहुत मजा आया ई पढ़ के। तो हम आपके बैन का विरोध करते हैं। (अग्रिम विरोध ही उचित है)

  3. 3 Sanjeet Tripathi

    हा हा, बढ़िया !!
    अगला अंक कब ?

  4. 4 raviratlami

    आपका संपादकीय ही सबसे बड़ा झूठ है. बाकी सब सत्य है.

    बढ़िया, कड़क व्यंग्य.

  5. 5 Amit

    वाह-२, मजा आ गया जी, अगले अंक की प्रतीक्षा है! :D

  6. 6 bihari babu

    ha ha ha………………
    kimat de di.. aur apaka paper bhi padha liya. Badhiya prayas! Badhayi Shukul ji ko bhi, jinhone aapko iske liye prerit kiya………

  7. 7 ई-स्वामी

    बहुत रचनात्मक! इसे बनाने में बहुत मेहनत लगती है! शानदार शुरुआत.
    मज़ा आ गया.

  8. 8 arun arora

    हम इसके विरोध और बैन मे समर्थन मे है, ये चाल है हमारा अखबार बंद कराने की,हमे इसमे सामप्रादायिकता दिखाइ दे रही है और जो इसका समर्थन करेगे हम उनको गुजरात मोदी जैसी गालिया देगे
    काहे की इत्ते अच्छॆ अखबार के सामने हमारा अखबार कौन पढेगा
    असली फ़ुरसतिया टाइम्स जिन्दाबाद

  9. 9 अनूप शुक्ल

    बहुत खूब। हर मिनट कीमत चुका रहे हैं। ठहाके लगा रहे हैं।

  10. 10 समीर लाल

    वाह वाह!! क्या अंदाज है नये संपादक साहब का. बहुत खूब, लगे रहो, हा हा!!! :)

  11. 11 masijeevi

    कीमत से कुछ ज्‍यादा ठहाके हमारे मुँह से गिर पड़े हैं- बकाया वापस करें।

    और हॉं समीर जी ने क्‍लास लेके सिखाया था कि हाट स्‍पाट बनाकर लिंक कैसे दें- उसी का इस्‍तेमाल करें।

  12. 12 Arvind Chaturvedi

    अमां भैया, अगर ऐसे ही आप लिखते रहे तो हमें तो पढने पर मज़बूर ही होना पडेगा ना. काहे से, कि छोडा भी नही जा सकता.
    तो बाकी सब काम बन्द .बस आईना समाचार .
    पढ कर हसीं इतनी आई कि मेरी राय मेँ नाम होना चाहिये:
    ” हसी ना आई ना (?) समाचार “.

  13. 13 How do we know

    वाह्! मज़ा आ गया। सन्दर्भ समझ् नही आया क्योन्कि नारद से जान पह्चान नही है। पर मज़ेदार है!

  14. 14 Shrish

    हम्म मजेदार रहा पहला अंक, उम्मीद है अगले अंक और भी मजेदार होंगे। :)

  15. 15 सृजन शिल्पी

    हा हा हा हा

  16. 16 Ramashankar Sharma

    दूसरा अंक कब आएगा

  17. 17 Ashish Kumar Anshu

    विशेषांक पसंद आया

  18. 18 Ashish Kumar Anshu

    विशेषांक पसंद आया.

  19. 19 आशीष कुमार 'अंशु'

    विशेषांक पसंद आया.

  1. 1 यह चिट्ठाचर्चा नहीं है फिर भी… « आईना

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