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मोबाइल पर हिंदी चिट्ठे पढ़ना हुआ आसान, धन्यवाद भोमियो!

मोबाइल पर हिंदी चिट्ठे पढ़ना बहुत नामुमकिन सा है क्योंकि जो भी GPRS मोबाइल फोन हैं, ज्यादातर में युनिकोड पढ़ पाना मुश्किल है।  हमारे देश में जितने इंटेरनेट कनेक्शन हैं उससे कई कई गुणा ज्यादा मोबाइल हैं। जरा सोचिये यदि मोबाइल पर हिंदी चिट्ठे पढ़ना  मुमकिन हो जाये तो हमें कितने और  नये पाठक आराम से मिल जायेंगे?

बहुत दिनों से मेरी मंशा थी कि काश मैं भी अपने मोबाइल से हिंदी चिट्ठे पढ़ पाता। असल में मेरा काम ऑफिस में बैठने का कम और बाहर रहने का ज्यादा है। अक्सर जब आईना पर कोई टिप्पणी आती है और मैं उसे मोबाइल पर देख कर बिना पढ़े ही एपरूव कर देता हूं क्योंकि मोबाइल पर यह तो मेल मिल जाता है कि टिप्पणी आई है मगर हिंदी के स्थान पर केवल डिब्बे ही नजर आते हैं। तो हमेशा मैं इमेल के पते से यह अंदाजा लगा लेता कि टिप्पणी किसकी है और जब विश्वास हो जाता कि टिप्पणीकर्ता कोई अनजान नहीं है तो एपरूव कर देता और बाद में  अपने कंप्यूटर पर जाकर पढ़ लेता। मगर अब एपरूव करने के बाद मैं मोबाइल पर उस टिप्पणी को पढ़ भी सकता हूं क्योंकि भोमियो के प्रॉक्सी पते पर जो रोमन लीपी से चिट्ठे पढ़ने की सुविधा है उससे मोबाइल पर हिंदी चिट्ठे और टिप्पणियां आराम से पढ़े जा सकते हैं। एक और फायदा यह है कि नारद पर कौन कौन सी नयी प्रविष्टियां आयी अब यह भी मोबाइल पर देखना आसान हो गया है।

आज जब मोबाइल पर चिट्ठों के बारे में लिख ही रहा हूं तो वर्डप्रैस इसतेमाल करने वालों को बता दूं कि मोबाइल पर यदि आप अपने स्टैट्स देखना चाहते हैं या रोमन में कोइ पोस्ट लिखना चाहते हैं तो अपने मोबाइल से http://m.wordpress.com/ पते पर लॉग इन कर सकते हैं।

  1. मई 29, 2007 को 7:17 अपराह्न पर | #1

    अरे वाह! यह तो बहुत उपयोगी जानकारी है .

  2. मई 29, 2007 को 7:25 अपराह्न पर | #2

    हम्म अच्छी जानकारी भोमियो वाले पीयूष जी का जितना धन्यवाद किया जाए कम है। जैसा आपने चैट पर बताया था कि उर्दू तो पढ़ी जा सकती है लेकिन हिन्दी नहीं ये बहुत खेद का विषय है। इन मोबाइल कंपनी वालों को करोड़ों हिन्दी भाषियों पर ध्यान देना चाहिए।

    मैंने पहले भी कहा था फिर कह रहा हूँ क्या कोई साथी मोबाइल पर हिन्दी (खासकर यूनिकोड) संबंधी पहलुओं पर अधिक प्रकाश डाल सकता है ?

    मोबाइल पर हिंदी चिट्ठे पढ़ना बहुत नामुमकिन सा है क्योंकि जो भी GPRS मोबाइल फोन हैं, ज्यादातर में युनिकोड पढ़ पाना मुश्किल है।

    यहाँ पर हिन्दी का GPRS से संबंध नहीं लगता वरन अन्य चीजों से संबंध होगा।

  3. मई 29, 2007 को 7:41 अपराह्न पर | #3

    बहुत सही है! अब मोबाइल में इंटरनेट सेवा लेनी पड़ेगी! :)

  4. मई 29, 2007 को 8:36 अपराह्न पर | #4

    हां, जगदीश जी, मैंने अपने एल जी के रिलायंस मोबाइल पर जो कि बहुत ही बेसिक किस्म का है, उसमें रोमन अंग्रेजी में अपने चिट्ठे को पढ़ पाने में सफल हुआ था. हालाकि यह अनुभव कोई आह्लादकारी नहीं था, परंतु फिर भी अपने चिट्ठे को अपने मोबाइल पर देखना सुखद तो था ही. शायद मेरे मोबाइल की क्षमता और उसके डिस्प्ले के कारण ऐसा हो. मुझे लगता है कि काला बुखारा मोती जैसे मोबाइल फ़ोनों में हम अपने चिट्ठों को आराम से पढ़ सकेंगे.

  5. मई 29, 2007 को 9:34 अपराह्न पर | #5

    अच्छी जानकारी दी.

  6. Hari Ram
    जून 5, 2007 को 8:38 अपराह्न पर | #6

    बहुत ही बढ़िया जानकारी दी है आप ने | इंसान ही इंसान के लिए सब कुछ कितना आसान कर देता है और ख़ास कर के इंटेरनेट | पेहले हम हिंदी ठीक से कम्प्युटर पर लिख नहीं पाते थे ब्लॉग ने quillpad.in जैसी चीज़ों की जानकारी दी जिसमे हिंदी आसानी से लिख सकते हैं अब आपने मॉबीले की मुश्किल भी आसान कर दी |

    हरी राम

  7. जून 13, 2007 को 7:41 पूर्वाह्न पर | #7

    Now you can read Urdu sites in Hindi using Urdu to Hindi transliteration.

    Please visit: http://bhomiyo.com/xliteratepage.aspx
    Enter urdu site, e.g. http://bbc.co.uk/hindi
    Select Language: “Urdu to Hindi”
    Click GO.

    The urdu-hindi-wordlist is continuously improving. And your help to improve will be appreciated. http://bhomiyo.com/docs/helpurduhindi.aspx

  1. जून 1, 2007 को 4:18 पूर्वाह्न पर | #1
  2. जुलाई 10, 2007 को 9:51 अपराह्न पर | #2

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