दिल्ली में आज के नवभारत टाईम्स में सरोज सिंह जी का हिंदी चिट्ठों और नारद पर शानदार लेख छपा है। लेख आप सरोज जी के चिट्ठे पर यहां भी पढ़ सकते हैं।

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20 Responses to “हिंदी चिट्ठों पर शानदार लेख”  

  1. बढ़िया लेख । बनारस में नवभारत टाइम्स नहीं आता,पढ़ाने के लिए धन्यवाद ।

  2. 2 anunad

    लेख अत्यन्त सकारात्मक है। सम्यक सूचना से परिपूर्ण है | सरल व सुबोध है। सरोज सिंह जी को साधुवाद।

    फिर भी दो चीजों के कमी की तरफ इशारा करना चाहूँगा:
    १) नारद सहित हिन्दी के कुछ मह्त्वपूर्ण स्थलों का पता भी देना चाहिये था,
    २) यूनिकोड के बारे में एक बक्से में थोड़ा लिख देते तो बहुतों को लाभ होता।

  3. अच्छा है.. किसी ने तो लिखा नारद के बारे में..

  4. सरोज सिंह जी और प्रियरंजन झा जी को इस लेख के लिए धन्यवाद।

    लेख अच्छा है, हमे इसका स्वागत करना चाहिए। किसी भी लेखक के लिए यह बहुत मुश्किल होता है कि वह लेख मे क्या कवर करे और क्या छोड़े। लेकिन अच्छा कवरेज है, आशा है धीरे धीरे सभी पत्रकार साथी हिन्दी चिट्ठाकारी को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार लिखते रहेंगे।

    धन्यवाद।

  5. वाह अच्छा लेख लिखा!

  6. अच्‍छा लिखा, अरे अविनाश….नीलेश को भी पढ़वा देना मित्र।

  7. लेख पढाने के लिए बहुत-२ धन्यवाद!
    जगदीश भाई, कल मैने हिन्दी टूलबार को अपने कम्पयूटर मे इन्सटाल किया , मै मौजिला फ़ायर्फ़ाक्स का प्रयोग कर रहा हूं, लेकिन कई बार की असफ़ल कोशिश करने के बाद भी रेडियो प्लेयेर को चला न पाया. क्या यह सिर्फ़ इन्टर्नेट explorer मे चलता है.

  8. बहुत ही बढिया लेख है,, सरोज जी को हार्दिक बधाई.. इस लेख को पढकर हम नये ब्लोगरों की हिम्मत बढ गई है,
    साथ ही साथ “नारद” के कर्ताधर्ताओं को भी बधाई…जय हिन्दी

  9. जगदीश भाई, कल मैने हिन्दी टूलबार को अपने कम्पयूटर मे इन्सटाल किया , मै मौजिला फ़ायर्फ़ाक्स का प्रयोग कर रहा हूं, लेकिन कई बार की असफ़ल कोशिश करने के बाद भी रेडियो प्लेयेर को चला न पाया. क्या यह सिर्फ़ इन्टर्नेट explorer मे चलता है.

    आप यहां से फायरफॉक्स का प्लगईन डाउनलोड कर लीजिये, फायरफॉक्स पर इसका रेडियो और भी अच्छा चलता है:)

  10. सरोज सिंहजी और प्रियरंजन झाजी को बहुत बहुत बधाई, प्रशंसनीय कार्य किया है.

    आपने अखबार की कतरन रख कर भी अच्छा किया. धन्यवाद.

  11. सरोज जी और प्रियरंजन झा जी को हार्दिक बधाई और भाटिया जी को इस पेशकश के लिये धन्यवाद.

  12. धन्यवाद सरोज जी|

    आपने उत्तम प्रयास किया है.

  13. at last deserving people & website got recognition for their efforts, not some newbies who have barely settled down & then got themselves labelled as *maharathi*!! ;) this article is more accurate than any I’ve seen earlier! :) hats off to Saroji ji!!

  14. 14 sur

    अरे… मुझे तो पता ही नहीं था इतने लोगों ने यहां भी बधाई दे रखी है।

    जगदीश सर और सभी को बहुत बहुत धन्यवाद

  15. मुझे बहुत ख़ुशी हुई ये ख़बर पढकर। इस ख‌़ुशी मे सभी हिन्दी चिट्ठाकारों को बधाई

  16. jagdishji lekh padhwane ke liye dhanyawaad….

  17. सरोज जी को इस उम्दा लेख के लिए बधाई और जगदीश भाई को इसके पेपर संस्करण की इमेज उपलब्ध करवाने के लिए बहुत धन्यवाद!

  18. किसी समाचार पत्र में यह पहला ऐसा तमीज़ का लेख है जो लोगों के नाम से अधिक उनके काम पर फ़ोकस करता है. खबर बिल्कुल ऐसी ही होनी चाहिए – काम देख कर लोग कोशिश करें की इसके पीछे है कौन ना की आत्मप्रवंचना के भोंगे बज रहे हों!
    बहुत बढिया लेख है लेकिन नारद का यूआर-एल ना देना एक गलती के रूप में देखता हूं आगे के लिये नोट किया जाई!

  19. धन्यवाद जगदीश जी इस लेख को यहाँ प्रस्तुत करने के लिये. सरोज जी ने एक अच्छा सूचनात्मक लेख लिखा हैं..एक ही निवेदन करना है उनसे कि, वे एक हिन्दी समाचार पत्र के लिये हिन्दी भाषा से जुडा लेख लिखते समय अन्ग्रेजी के इतने अधिक शब्दों के प्रयोग से बचतीं तो बेहतर होता..

  20. लेख में बहुत अधिक अंग्रेज़ी शब्द देवनागरी में लिखे गए हैं।


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