Home > अर्थव्यवथा, निवेश, बजट, सूचना, हिंदी, Budget, Hindi > बजट अपडेट लाईव Budget live update

बजट अपडेट लाईव Budget live update

बजट पेश करने का आज से खराब दिन पी चिदंबरम जी के लिये कोई नहीं हो सकता था। दुनिया भर के शेयर बाजार आज सुबह से धड़ा धड़ गिर रहे हैं। लग रहा है कि आज हमारे शेयर बाजारों पर भी खून बहेगा। :(
एक दिन पहले कांग्रेस उत्तराखंड और पंजाब में हार गयी। मंहगाई से लोग त्रस्त हैं। वैसे जब सारे टी वी चैनल और समाचार पत्र कांग्रेस की हार के लिये मंहगाई को जिम्मेदार बता रहे हैं, शहरों में कांग्रेस की हार के पीछे आरक्षण और अर्जुन सिंह कितने जिम्मेदार हैं, यह भी सोचने की बात होगी।

आपको हिंदी में बजट के मुख्य बिंदू लगातार यहां बताये जायेंगे। उम्मीद है कि वित्तमंत्री जी महंगाई को काबू करने के उपाय करेंगे और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा दिये जाने की कोशिश की जायेगी। यदि आपको इस विषय में रुचि है तो इस पेज को रिफ्रेश करते रहें।
सेंसेक्स ४३३ प्वाईट नीचे खुला
निफ्टी १५७ प्वाईंट नीचे खुला
गैहूं और चावल की फ्यूचर ट्रेडिंग पर प्रतिबंध लगा।
(मगर अफसोस दो राज्यों को खोने के बाद। लगता है दो राज्य खोने के बाद सरकार बदहवासी में कदम उठा रही है)
बजट प्रावधान
शिक्षा बजट में ३५ % वृद्धी
स्वास्थ्य के बजट में २२% वृद्धी
आयुर्वेद पर खास ध्यान (आयुर्वेद FMCG के लिये अच्छा)
कृषि को खास ध्यान
अच्छे बीजों के लिये निजी कंपनियों से सहयोग लिया जायेगा
खाद सब्सिडी सीधे किसानों को दिये जाने का तरीका खोजा जायेगा। सिंचाई पर खास ध्यान।
गरीब ग्रामीन भूमीहीनों के लिये आम आदमी जीवन बीमा योजना, आधा प्रीमियम केंद्र सरकार देगी, बाकी आधा राज्य सरकारें।
अनओर्गनाईज सेक्टर के लिये सामाजिक सुरक्षा योजना
शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिये सभी को PAN जरूरी
रक्षा पर 96000 करोड़ की वृद्धी
म्यूचल फंड के जरिये आम आदमी विदेशों में निवेश कर सकेंगे ( कीमतों को कम करने में सहायक)
मुंबई को विश्व स्तर की फाईनेंशल सिटी बनाया जायेगा
विकलांगों को एक लाख सरकारी नौकरियां
दिल्ली कामेनवेल्थ गेम के लिये ५०० करोड़
बाजार कुछ संभले
सेंसेक्स अब २५० प्वाईंट नीचे (१२.१० बजे)
टैक्स क्लेक्शन २७ % बढ़ा
कस्टम (गैर कृषी चीजों के लिये)ड्यूटी पीक रेट १२.५ से घटा कर १० % ( कीमतों को कम करने में सहायक)
सर्विस टैक्स रेट में बदलाव नहीं
कुत्ते बिल्लियों के खाने का सामान सस्ता (इन्सानो का भी ध्यान करें मंत्री जी) :(
पोलियेस्टर, खाने का तेल, सिंचाई उपकरण और पाईप्स सस्ते
सर्विस टैक्स में और सेवाएं शामिल

निजी आयकर में कुछ राहत
आयकर में छूट १०००० रु से बढ़ी (आम कर देने वालों को एक हजार रु की बचत)
जम्मू कश्मीर में उद्योगों को और पांच वर्ष तक करों में छूट
कार्पोरेट टैक्स रेट में बदलाव नहीं
एजुकेशन सेस २% से बढ़ कर ३% हुआ
डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स बढ़ कर १५%
IT कंपनियों पर MAT लगा
IT कंपनियों में ESOP पर FBT लगा
एक करोड तक के लाभ कमाने वाले कार्पोरेट्स पर सरचार्ज नहीं
(बजट फुस्स लग रहा है
बाजार फिर फिसले)
ना आम आदमी को कुछ मिला न ही खास आदमी को
बाजार लुड़के
आधा घंटा तक कृषि पर बोले पर कोई बड़ी घोषणा नहीं की। कृषि का योगदान जीडीपी में घट रहा है मगर इसे बढ़ाने के लिये कुछ नहीं क्या है।
कंपनियों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा। कुछ रिफार्म्स नहीं किये। ज्यादा ले लिया पर दिया कुछ भी नहीं।

मेरी राय

यह एक दिशा हीन बजट है। उम्मीद थी कि कीमतें कम करने तथा कृषि के विकास के लिये कुछ क्रांतिकारी कदम उठाये जायेंगे मगर इस दिशा में साधारण कदम भी नहीं उठाये गये। एक मौका गंवा दिया। वित्त मंत्री दबाव में लग रहे हैं। दस साल पहले वाले चिदंबरम का जलवा नहीं दिखा सके।
मुझे कभी कभी लगता है कि मैडम जी, प्र मं जी, वि मं जी तथा वाम पक्ष में जबर्दस्त संवाद हीनता है। ना कोई विजन है और न ही कोई दिशा। :(

About these ads
  1. फ़रवरी 28, 2007 को 11:12 पूर्वाह्न पर | #1

    यह बजट चिदांबरम ही नहीं मनमोहन सिंह के लिये भी एक ‘एसिड टेस्ट’ है. बढ़्ती मंहगाई के चलते विदेशी निवेशकों के लिये भारत कितना आकर्षक रह पाता है यह बजट के बाद पता चल पायेगा.

  2. फ़रवरी 28, 2007 को 12:15 अपराह्न पर | #2

    Its difficult to read you in firefox. Please left align the text.

  3. फ़रवरी 28, 2007 को 12:55 अपराह्न पर | #3

    चलो बजट तो निपट लिया, लेकिन किसको क्या मिला?

  4. फ़रवरी 28, 2007 को 12:59 अपराह्न पर | #4

    चलो बजट तो निपट लिया, लेकिन किसको क्या मिला?

    मंत्री जी ने २७% ज्यादा एकत्र कर लिया पर दिया कुछ नहीं :(

  5. फ़रवरी 28, 2007 को 1:04 अपराह्न पर | #5

    अभी आगे-2 देखिये होता है क्या !( दो हारों के बाद भी कुछ सबक लें, मन्त्री जी :) )
    कुत्ते बिल्ली के खाने का सामान सस्ता , हा हा हा मजाक हमरे मन्त्री अच्छा कर र्लेते हैं :) :)

  6. फ़रवरी 28, 2007 को 4:10 अपराह्न पर | #6

    मंत्री जी ने २७% ज्यादा एकत्र कर लिया पर दिया कुछ नहीं

    नई बात क्या है? मेरे को तो लगता है कि मैडम जी को (दो राज्यों में हारने के बाद)खबर लग ली है कि भई अब बोरिया बिस्तर बाँधने का टैम आ गया, इसलिए जितना लूट सकते हैं लूट लो!!! कमाना तो गुनाह हो ही गया है इस देश में, अब जीना भी हो जाएगा!! :(

  7. मार्च 4, 2007 को 12:01 अपराह्न पर | #7

    दिशाहीन – एक दम सही शब्द चुना है आप ने!

  8. Rakesh Shrivastava
    मार्च 30, 2007 को 11:38 पूर्वाह्न पर | #8

    Budget mai Private Emplyoee ko Kya Milla

  9. मार्च 30, 2007 को 11:51 पूर्वाह्न पर | #9

    Budget mai Private Emplyoee ko Kya Milla

    राकेश जी,
    बजट में प्राईवेट एंपलायीज के लिये लग से कुछ नहीं था। मगर यह देख सकते हैं

    निजी आयकर में कुछ राहत
    आयकर में छूट १०००० रु से बढ़ी (आम कर देने वालों को एक हजार रु की बचत)

    IT कंपनियों में ESOP पर FBT लगा

  10. mateen
    मार्च 16, 2012 को 6:23 पूर्वाह्न पर | #10

    bajat to bas inhi logon ke liye thik hoga kyonki inko kisi ko bhi koie faraq1 nahai padega sabka
    kala dhan videshon me jama han
    isi liye jinlogon ke name hain sarkar ke pas nam nahi bata rahe hai
    lagta to aisa hai ke sarkar ke sabhi mantriyon ke nam us list me hain jabhi to name nahi bata rahe hain
    Faizi
    New Delhi

  1. No trackbacks yet.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

%d bloggers like this: