एक पुराना चुटकुला है, आप लोगों ने भी सुन रखा होगा:
एक आईसक्रीम बेचने वाले के पड़ोस में मृत्यू हो गई। पड़ोसी होने के नाते यह भी गये और अर्थी को कांधा देने को जैसे ही उठाया इनके मूंह से निकल पड़ा “आईसक्रीSSSSSम ठंडी मलाई आईसक्रीSSSSSम”
पुरानी आदतें मुशकिल से जाती हैं। आगरा के फतेहाबाद में बीजेपी के विधायक छोटे लाल वर्मा को बीजेपी में अपना भविष्य डूबता दिखा तो मायावती का दामन थाम लिया। अगले चुनावों के लिये टिकट भी पक्का हो गया था। मगर हाय री किस्मत!!!!!
नई पार्टी के लिये मुसलमानों के एक सम्मेलन में भाषण देने पंहुचे, बहुत ही जोशीला भाषण दिया, मगर आदत कैसे जाती, अंत में मुंह से जोर से निकला “जय श्री राम।” अब विधायक जी बीजेपी और बीएसपी दोनों से बाहर हैं। माया मिली न राम- शब्दशः| पूरा समचार यहां देखें।

 

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14 Responses to “माया मिली न राम- शब्दशः”  

  1. 1 Sindhu

    नया look बहोत बहोत अच्छा लगा!!!! बहुत खूब।

  2. 2 नीरज दीवान

    भई वाह वाह वाह.. क्या धांसू ख़बर है. मज़ा आ गया. आइसक्रीम ले लो वाली बात ने तो बांस कर दिया रे. बहुत बहुत धन्यवाद.

  3. 3 संजय बेंगाणी

    कौआ चला हंस की चाल…
    अच्छा सबक मिला.
    चिट्ठे का नया आवरण अच्छा लग रहा हैं.

  4. 4 Shuaib's day

    ये आइस क्रीम वाला चुटकुला पहले कभी सुना नही था - और आपने खबर पर बहुत खूब आइस मलाई मारी है - सच्ची मज़ेदार है :)
    अब तो आपका चिट्ठा पढने मे बहुत आसानी है - पहले फांट साइज़ बहुत छोटा था। लगे रहो भाई

  5. 5 सागर चन्द नाहर

    मजा आ गया!
    कुछ ऐसा ही गुजरात मैं हुआ था जब वरूण गाँधी भाजपा के चुनाव प्रचार में आये और अपने भाषण के दौरान जम कर स्थानीय विधायक पर बरसे लोगों से कहा आप पूछिये अपने अपने विधायक से कि क्यों यहाँ सड़कें खराब है? आदि …शायद वरूण को यह ध्यान नहीं रहा कि स्थानीय विधायक भाजपा के ही है। मंच पर बैठे विधायक महोदय की हालत खराब!!

  6. 6 समीर लाल

    बहुत बढ़िया. क्या धांसू खबर निकाल निकाल कर लाते हो, भाई.
    चिठ्ठा नये आवरण मे और सुंदर दिख रहा है.

  7. 7 राजीव

    भाई वाह! बहुत मज़ेदार खबर है और सच कहूँ तो इसका शीर्षक - वह तो और भी मज़ेदार है जो कि इस समाचार पर बिल्कुल (शत-प्रतिशत) सटीक बैठता है, कड़ी में प्रकाशित मूल समाचार के शीर्षक से कहीँ अधिक सटीक ।

  8. 8 pratyaksha26

    नया चेहरा बढिया है । आँखों को भला लग रहा है :-)

  9. 9 How Do We know

    आप की सब से बढिया बात यही है… कहां की बात निकाल्ते हैं और उस का तार कहीन और जा कर ऐसे सहजता से मिला देते हैं के मज़ा आ जाता है!

  10. 10 जगदीश भाटिया

    तारीफ के लिये आप सब का धन्यवाद।
    चिट्ठे का आवरण पसंद करने के लिये भी धन्यवाद।

  11. 11 Vineet

    accha joke tha aur kafi kuch sach bhi

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