माया मिली न राम- शब्दशः
एक पुराना चुटकुला है, आप लोगों ने भी सुन रखा होगा:
एक आईसक्रीम बेचने वाले के पड़ोस में मृत्यू हो गई। पड़ोसी होने के नाते यह भी गये और अर्थी को कांधा देने को जैसे ही उठाया इनके मूंह से निकल पड़ा “आईसक्रीSSSSSम ठंडी मलाई आईसक्रीSSSSSम”
पुरानी आदतें मुशकिल से जाती हैं। आगरा के फतेहाबाद में बीजेपी के विधायक छोटे लाल वर्मा को बीजेपी में अपना भविष्य डूबता दिखा तो मायावती का दामन थाम लिया। अगले चुनावों के लिये टिकट भी पक्का हो गया था। मगर हाय री किस्मत!!!!!
नई पार्टी के लिये मुसलमानों के एक सम्मेलन में भाषण देने पंहुचे, बहुत ही जोशीला भाषण दिया, मगर आदत कैसे जाती, अंत में मुंह से जोर से निकला “जय श्री राम।” अब विधायक जी बीजेपी और बीएसपी दोनों से बाहर हैं। माया मिली न राम- शब्दशः| पूरा समचार यहां देखें।
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नया look बहोत बहोत अच्छा लगा!!!! बहुत खूब।
भई वाह वाह वाह.. क्या धांसू ख़बर है. मज़ा आ गया. आइसक्रीम ले लो वाली बात ने तो बांस कर दिया रे. बहुत बहुत धन्यवाद.
कौआ चला हंस की चाल…
अच्छा सबक मिला.
चिट्ठे का नया आवरण अच्छा लग रहा हैं.
ये आइस क्रीम वाला चुटकुला पहले कभी सुना नही था - और आपने खबर पर बहुत खूब आइस मलाई मारी है - सच्ची मज़ेदार है
अब तो आपका चिट्ठा पढने मे बहुत आसानी है - पहले फांट साइज़ बहुत छोटा था। लगे रहो भाई
मजा आ गया!
कुछ ऐसा ही गुजरात मैं हुआ था जब वरूण गाँधी भाजपा के चुनाव प्रचार में आये और अपने भाषण के दौरान जम कर स्थानीय विधायक पर बरसे लोगों से कहा आप पूछिये अपने अपने विधायक से कि क्यों यहाँ सड़कें खराब है? आदि …शायद वरूण को यह ध्यान नहीं रहा कि स्थानीय विधायक भाजपा के ही है। मंच पर बैठे विधायक महोदय की हालत खराब!!
बहुत बढ़िया. क्या धांसू खबर निकाल निकाल कर लाते हो, भाई.
चिठ्ठा नये आवरण मे और सुंदर दिख रहा है.
भाई वाह! बहुत मज़ेदार खबर है और सच कहूँ तो इसका शीर्षक - वह तो और भी मज़ेदार है जो कि इस समाचार पर बिल्कुल (शत-प्रतिशत) सटीक बैठता है, कड़ी में प्रकाशित मूल समाचार के शीर्षक से कहीँ अधिक सटीक ।
नया चेहरा बढिया है । आँखों को भला लग रहा है
आप की सब से बढिया बात यही है… कहां की बात निकाल्ते हैं और उस का तार कहीन और जा कर ऐसे सहजता से मिला देते हैं के मज़ा आ जाता है!
तारीफ के लिये आप सब का धन्यवाद।
चिट्ठे का आवरण पसंद करने के लिये भी धन्यवाद।
accha joke tha aur kafi kuch sach bhi